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प्र.1 फसल-आधारित कृषि-सौर सह-उपयोग को केवल सौर उत्पादन वाली व्यवस्था से कौन-सी विशेषता सबसे स्पष्ट रूप से अलग करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) फसल खेती और प्रकाशवोल्टीय उत्पादन भूमि साझा करते हैं
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। भूमि का संयुक्त कृषि और प्रकाशवोल्टीय उपयोग इसकी मुख्य विशेषता है। बिजली केवल सिंचाई के लिए होना आवश्यक नहीं और छत पर स्थापना भी अनिवार्य नहीं। खेती बंद करना फसल-आधारित एकीकरण के उद्देश्य के विपरीत होगा। अंतर केवल ऊर्जा स्रोत में नहीं, एक ही भूमि पर दो गतिविधियाँ जारी रखने में है।
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प्र.2 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सौर सिंचाई पंप अनिवार्य रूप से पैनलों के नीचे या बीच खेती सिद्ध करता है। 2. कृषि-सौर व्यवस्था पंपिंग के अतिरिक्त उपयोगों के लिए बिजली बना सकती है। कौन-सा कथन सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 2
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। केवल दूसरा कथन सही है। सौर सिंचाई पंपिंग का ऊर्जा स्रोत बताती है, खेती और पैनलों की स्थानिक व्यवस्था नहीं। संयुक्त कृषि और सौर भूखंड अन्य विद्युत आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकता है। इसलिए सौर पंपिंग और कृषि-सौर सह-उपयोग साथ हो सकते हैं, लेकिन दोनों शब्द एक-दूसरे के पर्याय नहीं हैं।
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प्र.3 निम्नलिखित विन्यास विकल्पों पर विचार कीजिए: 1. पैनल ऊँचे करने से पहुँच सुधर सकती है, लेकिन संरचनात्मक लागत बढ़ सकती है। 2. अधिक दूरी से प्रकाश बढ़ सकता है, लेकिन प्रति इकाई क्षेत्र में समायोजित सौर उत्पादन घट सकता है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। दोनों कथन वास्तविक विन्यास समझौते बताते हैं। अधिक ऊँचाई कृषि कार्य आसान कर सकती है, लेकिन अतिरिक्त संरचनात्मक सामग्री चाहिए। अधिक दूरी प्रकाश और उपकरण पहुँच सुधार सकती है, पर निश्चित क्षेत्र में कम पैनल समा सकते हैं। किसी भी बदलाव से दोनों उत्पादन स्वतः अधिकतम नहीं होते; संयुक्त विन्यास का आकलन आवश्यक है।
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प्र.4 छाया के बारे में कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक समर्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) परिणाम फसल, जलवायु और विन्यास पर निर्भर हैं
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। छाया वृद्धि की परिस्थितियाँ बदलती है, लेकिन प्रभाव फसल की जरूरत, स्थानीय जलवायु और व्यवस्था के विन्यास पर निर्भर है। कुछ स्थितियों में कम तापीय दबाव लाभकारी हो सकता है; अत्यधिक प्रकाश कमी वृद्धि बाधित कर सकती है। पहले तीन विकल्प सशर्त संबंध को सार्वभौमिक बनाते हैं या महत्वपूर्ण कारक हटाते हैं, इसलिए उचित नहीं हैं।
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प्र.5 एक परीक्षण सौर पैनलों के नीचे सिंचाई बचत का दावा करता है। कौन-सी तुलना सबसे उपयोगी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) दर्ज तुलनीय परिस्थितियों में दिया गया पानी और फसल उत्पादन
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। जल बचत के दावे में फसल प्रदर्शन और तुलना की परिस्थितियों के साथ वास्तविक जल उपयोग मापना चाहिए। पैनल का रंग या क्षमता सिंचाई नहीं मापते। पानी देने में अंतर हो तो केवल उपज भी पैनलों का स्वतंत्र प्रभाव नहीं बताती। संबंधित परिस्थितियाँ दर्ज करना मापे परिणाम और केवल छाया पर आधारित अनुमान को अलग करता है।
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प्र.6 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. मेगावाट — स्थापित विद्युत शक्ति क्षमता 2. मेगावाट-घंटा — समय के दौरान उत्पन्न बिजली 3. फसल के टन और बिजली के किलोवाट-घंटों का जोड़ — सीधे जोड़ने योग्य भौतिक उत्पादन कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल दो
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। पहले दो युग्म विद्युत शक्ति और समय के दौरान ऊर्जा का सही अंतर बताते हैं। तीसरा गलत है, क्योंकि टन और किलोवाट-घंटे अलग मात्राएँ मापते हैं; उन्हें सीधे एक भौतिक कुल में नहीं जोड़ सकते। संयुक्त प्रदर्शन के लिए उपयुक्त तुलना विधि और संदर्भ चाहिए, असमान इकाइयों को परस्पर बदलने योग्य मानना उचित नहीं।
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प्र.7 कृषि-सौर शोध में भूमि समतुल्य अनुपात किसकी जाँच में सहायक है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) उपयुक्त पृथक उपयोग प्रणालियों के सापेक्ष संयुक्त उत्पादन
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। भूमि समतुल्य अनुपात संयुक्त उत्पादन की तुलना उपयुक्त पृथक कृषि और सौर संदर्भ प्रणालियों से करता है। यह भूमि उपयोग के प्रदर्शन से संबंधित है, पैनल के रूप या श्रमिक संख्या से नहीं। यह वित्तीय प्रतिफल की गारंटी भी नहीं देता; लागत और व्यावसायिक व्यवस्था अलग प्रश्न हैं। तुलना समझने में संदर्भ चयन महत्वपूर्ण है।
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प्र.8 एक परियोजना अधिक सकल प्राप्तियाँ बताती है। शुद्ध आय बढ़ने का निष्कर्ष निकालने से पहले कौन-सा अतिरिक्त कदम जरूरी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) संबंधित लागत और दायित्वों का हिसाब लगाएँ
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। सकल प्राप्तियाँ मिली रकम बताती हैं, जबकि शुद्ध आय में संबंधित लागत भी शामिल होती है। इसलिए स्थापना, रखरखाव और वित्तीय दायित्व आकलन में महत्वपूर्ण हैं। समान बँटवारा मान नहीं सकते और क्षमता आय का माप नहीं है। संबंधित खर्च और जिम्मेदारियाँ देखे बिना अधिक प्राप्तियों से निष्कर्ष निकालना अधूरा रहता है।
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प्र.9 अभिकथन: कृषि-सौर विन्यास अंतिम होने से पहले किसानों की भागीदारी होनी चाहिए। कारण: उपकरण पहुँच, फसल चक्र और रखरखाव संयुक्त संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। सही आकलन चुनिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। दोनों कथन सही हैं। कारण में दी गई संचालन जरूरतें बताती हैं कि प्रारम्भिक किसान भागीदारी क्यों उपयोगी है। निर्माण के बाद विन्यास खेती और उपकरण आवागमन सीमित कर सकता है। निर्माण योजना में कृषि अनुभव शामिल करने से ऐसी समस्याएँ पहचानी जाती हैं। यह प्रस्तावित नियोजन दृष्टिकोण है, किसी नए कानून का दावा नहीं।
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प्र.10 सफल स्थानीय प्रदर्शन के बाद व्यापक अपनाने के लिए कौन-सा तरीका सबसे उचित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दोहराई जा सकने वाली परिस्थितियाँ पहचानें और अनेक फसल चक्रों की तुलना करें
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। विस्तार में जाँचना चाहिए कि परिणाम देने वाली परिस्थितियाँ दोहराई जा सकती हैं या नहीं। अनेक फसल चक्र और स्पष्ट तुलना अकेले अनुकूल अवलोकन से अधिक उपयोगी प्रमाण देते हैं। सार्वभौमिक अनुप्रयोग, चुनिंदा परिणाम प्रकाशित करना और केवल बिजली का आकलन, तीनों संयुक्त कृषि तथा ऊर्जा उद्देश्य के महत्वपूर्ण हिस्सों को छोड़ देते हैं।
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