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प्र.1 शुद्ध पंपित भंडारण चक्र के बारे में विचार कीजिए: 1. पंपिंग में लगी बिजली से कम उत्पादन होने पर भी यह उपयोगी ग्रिड सेवा दे सकता है। 2. उत्पादन मिश्रण चाहे जो हो, पंपिंग केवल रात में करनी होगी। 3. संचित ऊर्जा मुख्यतः गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा होती है। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) केवल 1 और 3
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। कथन 1 और 3 सही हैं। रूपांतरण हानियों के बावजूद बिजली को अतिरिक्त उपलब्धता से अधिक उपयोगी समय पर पहुँचाया जा सकता है। पानी ऊपर उठाने से स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है। दूसरा कथन गलत है, क्योंकि दोपहर की सौर उपलब्धता दिन में पंपिंग अनुकूल बना सकती है। समय तंत्र की दशाओं पर निर्भर है।
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प्र.2 पूरी तरह संचित सुविधा में 3,600 मेगावाट-घंटा उपयोगी विद्युत उत्पादन है और अधिकतम आपूर्ति दर 600 मेगावाट है। दोबारा पंपिंग, जल आगमन या अन्य क्षमता कटौती के बिना वह कौन-सी सेवा दे सकती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) छह घंटे तक 600 मेगावाट
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। निर्धारित शक्ति पर अवधि 3,600 को 600 से भाग देने पर छह घंटे है। चार और तीन घंटे वाले विकल्प ऊर्जा की मात्रा के भीतर हैं, लेकिन शक्ति सीमा से अधिक हैं। आठ घंटे का विकल्प शक्ति सीमा में है, पर 4,800 मेगावाट-घंटा माँगता है। शक्ति और ऊर्जा दोनों सीमाएँ पूरी होनी चाहिए।
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प्र.3 पंपिंग की बिजली ₹2 प्रति किलोवाट-घंटा है। पूर्ण चक्र दक्षता 80 प्रतिशत और विक्रय मूल्य ₹2.40 प्रति किलोवाट-घंटा है। अन्य सभी लागत और आय छोड़कर कौन-सा निष्कर्ष सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) प्रति उपलब्ध किलोवाट-घंटा पंपिंग लागत ₹2.50 है, इसलिए अंतर नकारात्मक है
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। एक किलोवाट-घंटा देने के लिए 1 को 0.8 से भाग देकर 1.25 किलोवाट-घंटा पंपिंग ऊर्जा चाहिए। ₹2 की दर से इसकी लागत ₹2.50 है, जो ₹2.40 आय से अधिक है। दक्षता समायोजन के बिना खरीद और बिक्री की इकाई दरें तुलना करने से आवश्यक अतिरिक्त ऊर्जा की लागत छूट जाती है।
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प्र.4 बंद चक्र पंपित भंडारण के बारे में विचार कीजिए: 1. वर्गीकरण निरंतर जलीय संपर्क पर निर्भर है, पंपिंग की बिजली के स्रोत पर नहीं। 2. शुरुआती भराव और जल हानि की भरपाई आवश्यक हो सकती है। 3. निरंतर नदी संपर्क न होने से भूमि और आवास प्रभावों के आकलन की जरूरत समाप्त होती है। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 1 और 2
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। पहले दो कथन सही हैं। बंद चक्र जल व्यवस्था का संबंध बताता है, स्वच्छ पंपिंग स्रोत निर्धारित नहीं करता। शुरुआती भराव और जल हानि की भरपाई जरूरी हो सकती है। तीसरा कथन गलत है, क्योंकि नदी से निरंतर संपर्क न होने पर भी जलाशय, मार्ग, सुरंग और लाइनें भूमि तथा आवास प्रभावित कर सकती हैं।
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प्र.5 भंडारण जलाशय में जगह है और पास के सौर क्षेत्र में उत्पादन कटौती हो रही है। सीमित पारेषण मार्ग अतिरिक्त बिजली को पंप तक नहीं पहुँचने देता। कौन-सा निष्कर्ष सीधे निकलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) खाली भंडारण मात्र से नहीं पहुँच सकने वाली अतिरिक्त बिजली नहीं ली जा सकती
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। भंडारण तक पंपिंग की ऊर्जा पहुँचाने वाला विद्युत मार्ग जरूरी है। खाली जलाशय पारेषण बाधा नहीं हटाता और अधिक टरबाइन दक्षता तंत्र के दूसरे हिस्से से संबंधित है। उपलब्ध उत्पादन नेटवर्क में स्वीकार न हो पाने से भी कटौती होती है। इसलिए कटौती को ऊर्जा संसाधन की तकनीकी अनुपलब्धता नहीं मानना चाहिए।
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प्र.6 पंपिंग की बिजली का उत्सर्जन 0.4 किलोग्राम प्रति किलोवाट-घंटा और पूर्ण चक्र दक्षता 80 प्रतिशत है। निर्माण तथा अन्य सभी उत्सर्जन छोड़कर प्रति उपलब्ध किलोवाट-घंटा पंपिंग-संबंधी उत्सर्जन कितना होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 0.50 किलोग्राम
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। प्रति उपलब्ध किलोवाट-घंटा 1.25 किलोवाट-घंटा निवेश चाहिए। इसलिए उत्सर्जन 1.25 गुणा 0.4 अर्थात 0.5 किलोग्राम है। निवेश की तीव्रता को दक्षता से गुणा करना संबंधित उत्सर्जन गलत ढंग से घटाता है। यह सीमित गणना पूर्ण जीवनचक्र आकलन नहीं है और हटने वाले उत्पादन का उत्सर्जन अधिक है या नहीं, यह नहीं बताती।
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प्र.7 कथन-I: समान मेगावाट क्षमता वाले दो भंडारण संयंत्र पूरी शक्ति पर अलग अवधि तक आपूर्ति दे सकते हैं। कथन-II: अवधि केवल शक्ति पर नहीं, आपूर्ति शक्ति के सापेक्ष उपयोगी ऊर्जा पर निर्भर करती है। कौन-सा संबंध सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) दोनों सही हैं और II, I की व्याख्या करता है
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। दोनों कथन सही हैं और दूसरा पहले का कारण बताता है। समान आपूर्ति शक्ति से समान उपयोगी ऊर्जा सिद्ध नहीं होती। अधिक ऊर्जा भंडार समान उत्पादन को अधिक समय बनाए रख सकता है, बशर्ते परिचालन धारणाएँ पूरी हों। मेगावाट और मेगावाट-घंटा मिलाने से सेवा क्षमता का यही अंतर छिप जाता है।
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प्र.8 निम्नलिखित तुलनाओं पर विचार कीजिए: 1. तकनीक का मूल्यांकन समान अवधि और प्रतिक्रिया की जरूरत के आधार पर होना चाहिए। 2. बैटरियाँ परिभाषा से केवल बहुत कम भंडारण अवधि तक सीमित हैं। 3. केवल प्रति मेगावाट लागत से तुलना उपयोगी ऊर्जा का अंतर छिपा सकती है। कौन-से कथन सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 1 और 3
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। कथन 1 और 3 सही हैं क्योंकि सेवा की जरूरत और संचित ऊर्जा की तुलना आवश्यक है। दूसरा कथन सामान्य उपयोग प्रवृत्ति को गलत परिभाषात्मक सीमा बना देता है। बैटरियाँ अलग अवधियों के लिए बन सकती हैं और पंपित भंडारण भी तेजी से प्रतिक्रिया दे सकता है। अकेली शक्ति लागत पूरी तुलना तय नहीं करती।
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प्र.9 आदर्श तुलना में दो जलाशयों में समान उपयोगी जल द्रव्यमान है। परियोजना X का प्रभावी ऊर्ध्वाधर ऊँचाई अंतर Y से दोगुना है। समान रूपांतरण दक्षता पर कौन-सा निष्कर्ष उचित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उस पानी से X में दोगुनी स्थितिज ऊर्जा है, लेकिन व्यवहार्यता अलग जाँचनी होगी
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। स्थितिज ऊर्जा द्रव्यमान, गुरुत्वीय त्वरण और ऊँचाई अंतर के अनुपात में है। द्रव्यमान तथा दक्षता समान हों तो प्रभावी ऊँचाई दोगुनी करने से आदर्श उपलब्ध ऊर्जा दोगुनी होती है। इससे टरबाइन शक्ति, निर्माण लागत या व्यवहार्यता तय नहीं होती। अधिक ऊँचाई तक उठाने में अतिरिक्त कार्य भी चाहिए; ऊर्जा बिना निवेश नहीं मिलती।
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प्र.10 योजना दस्तावेज में पंपित भंडारण की बड़ी संभाव्यता दी गई है। किसी विशेष शाम की अधिक माँग के दौरान भरोसेमंद आपूर्ति स्थापित करने के लिए कौन-सा अतिरिक्त प्रमाण सर्वाधिक प्रासंगिक है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) चालू उपकरण, पर्याप्त संचित ऊर्जा और अपेक्षित उत्पादन के लिए उपयोगी ग्रिड संपर्क
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। पहचानी संभाव्यता और प्रस्ताव परिचालन आपूर्ति नहीं हैं। भरोसेमंद उत्पादन के लिए चालू क्षमता, पर्याप्त संचित ऊर्जा और अपेक्षित आपूर्ति का संपर्क चाहिए। सर्वेक्षण, स्वीकृति, वित्त और निर्माण आशाजनक स्थल को चालू परियोजना से अलग करते हैं। तैयार संयंत्र में भी निर्धारित अधिक माँग की अवधि के लिए पर्याप्त ऊर्जा होनी चाहिए।
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