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बच्चों का इंटरनेट अधिकार: स्वतंत्रता और ऑनलाइन सुरक्षा — उत्तर सहित MCQ

बच्चों का इंटरनेट अधिकार: स्वतंत्रता और ऑनलाइन सुरक्षा पर अपनी समझ को UPSC प्रीलिम्स-शैली के 10 प्रश्नों से परखें। पहले स्वयं हल करें, फिर सही विकल्प और व्याख्या के लिए “उत्तर देखें” दबाएँ।

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  • 10 अभ्यास प्रश्न
  • ≈ 10 मिनट
  • उत्तर और व्याख्या

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पहले हर प्रश्न स्वयं हल करें, फिर उत्तर जाँचें।

  1. प्र.1 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 21 — जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण 2. अनुच्छेद 19(1)(क) — वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

    1. A. केवल 1
    2. B. केवल 2
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। दोनों युग्म सही सुमेलित हैं। अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण करता है, जबकि अनुच्छेद 19(1)(क) वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। लेख इंटरनेट पहुँच को इन अधिकारों के प्रयोग का माध्यम बताता है। केवल एक युग्म चुनने से दूसरा सही संवैधानिक प्रावधान छूट जाएगा।

  2. प्र.2 लेख के अनुसार, बच्चों की इंटरनेट पहुँच पर व्यापक प्रतिबंध ऑनलाइन सुरक्षा को कमजोर क्यों कर सकता है?

    1. A. यह बच्चों को कम विनियमित सेवाओं की ओर धकेल सकता है और दुर्व्यवहार की सूचना देने से रोक सकता है।
    2. B. इससे हर मंच से शोषणकारी सामग्री अनिवार्य रूप से हट जाती है।
    3. C. इससे मध्यस्थों की जवाबदेही अनावश्यक हो जाती है।
    4. D. इससे बच्चों द्वारा ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग बंद होना सुनिश्चित होता है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) यह बच्चों को कम विनियमित सेवाओं की ओर धकेल सकता है और दुर्व्यवहार की सूचना देने से रोक सकता है।

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। लेख के अनुसार बच्चे कम विनियमित सेवाओं की ओर जा सकते हैं और इंटरनेट उपयोग पर दंड के भय से दुर्व्यवहार की सूचना देने से बच सकते हैं। व्यापक प्रतिबंध शोषणकारी सामग्री हटाने, मंचों की जवाबदेही सुनिश्चित करने या बच्चों का इंटरनेट उपयोग बंद कराने की गारंटी नहीं देता। इसलिए केवल प्रतिबंध सुरक्षा कमजोर कर सकता है।

  3. प्र.3 लेख में वर्णित बाल-अनुकूल ऑनलाइन सुरक्षा उपायों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खाते आरम्भ से निजी रखे जा सकते हैं। 2. अनजान वयस्कों से संपर्क सीमित किया जा सकता है। 3. केवल बाल-अनुकूल नाम देने से प्रभावी सुरक्षा विकल्प अनावश्यक हो जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

    1. A. केवल 1 और 3
    2. B. केवल 2 और 3
    3. C. 1, 2 और 3
    4. D. केवल 1 और 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) केवल 1 और 2

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। कथन 1 और 2 लेख में वर्णित सुरक्षा उपाय हैं: खाते आरम्भ से निजी रखना तथा अनजान वयस्कों से संपर्क सीमित करना। कथन 3 गलत है क्योंकि केवल नाम प्रभावी सुरक्षा, स्पष्ट विकल्पों और सार्थक व्याख्या का स्थान नहीं ले सकता। इसलिए कथन 3 वाला प्रत्येक अन्य विकल्प गलत है।

  4. प्र.4 लेख में वर्णित प्रस्तावित राष्ट्रीय हैश और URL सूची डेटाबेस के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें शोषणकारी सामग्री के बजाय पहचान-चिह्न और वेब पते रखे जाने हैं। 2. इसका उद्देश्य प्रशिक्षित व्यक्तियों के आकलन को पूरी तरह सॉफ्टवेयर से बदलना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

    1. A. केवल 2
    2. B. केवल 1
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) केवल 1

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। कथन 1 सही है क्योंकि प्रस्तावित डेटाबेस में शोषणकारी फाइलों के बजाय पहचान-चिह्न और URL रखने का वर्णन है। कथन 2 गलत है: लेख प्रशिक्षित व्यक्तियों के आकलन को आवश्यक मानता है और स्वचालित उपकरणों को सहायक बताता है। इसलिए कथन 2 स्वीकार करने या कथन 1 नकारने वाले विकल्प गलत हैं।

  5. प्र.5 कोई मंच पहले पहचानी गई सामग्री में कुछ बदलावों के बाद उसकी दृश्य-समान प्रतियाँ पहचानना चाहता है। लेख में वर्णित कौन-सा उपकरण इस कार्य के लिए सबसे सीधे उपयुक्त है?

    1. A. अवधारणात्मक हैशिंग
    2. B. शिकायत की पावती
    3. C. साप्ताहिक समेकित रिपोर्ट
    4. D. अभिभावकीय सहमति का विकल्प
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) अवधारणात्मक हैशिंग

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। लेख के अनुसार अवधारणात्मक हैशिंग कुछ बदलावों के बाद भी दृश्य-समान सामग्री पहचानने में सहायता कर सकती है। शिकायत की पावती शिकायत मिलने की पुष्टि करती है, साप्ताहिक रिपोर्ट सूचना देती है और अभिभावकीय सहमति पहुँच का सुरक्षा उपाय है। ये तीनों कार्य प्रश्न में वर्णित दृश्य-समानता की पहचान सीधे नहीं करते।

  6. प्र.6 लेख में वर्णित रिपोर्टिंग व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. निर्दिष्ट परिस्थितियों में हटाई गई अज्ञात स्रोत की सामग्री — दो घंटे के भीतर रिपोर्टिंग 2. ज्ञात स्रोत के मिलान — डेटाबेस बनाए रखने वाले प्राधिकारी को साप्ताहिक समेकित रिपोर्टिंग उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

    1. A. केवल 1
    2. B. केवल 2
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। दोनों युग्म लेख में वर्णित व्यवस्था के अनुरूप हैं। निर्दिष्ट परिस्थितियों में हटाई गई अज्ञात स्रोत की सामग्री के लिए दो घंटे में रिपोर्टिंग और ज्ञात स्रोत के मिलान के लिए साप्ताहिक समेकित रिपोर्टिंग बताई गई है। यह शर्त महत्त्वपूर्ण है: लेख प्रत्येक प्रकार की ऑनलाइन सामग्री के लिए दो घंटे की सार्वभौमिक सीमा नहीं बताता।

  7. प्र.7 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. पॉक्सो अधिनियम, धारा 19 — रिपोर्टिंग दायित्व 2. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, धारा 67B — बच्चों से संबंधित विशिष्ट इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और कृत्य 3. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, धारा 79 — मध्यस्थों के सभी आचरण के लिए बिना शर्त उन्मुक्ति उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

    1. A. केवल एक
    2. B. केवल दो
    3. C. तीनों
    4. D. कोई युग्म नहीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) केवल दो

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। युग्म 1 और 2 लेख में बताए गए वैधानिक भेदों के अनुरूप हैं। युग्म 3 गलत है क्योंकि धारा 79 तीसरे पक्ष की जानकारी के लिए वैधानिक शर्तों और सावधानी के दायित्वों के अधीन सशर्त सुरक्षित आश्रय से संबंधित है। यह मध्यस्थ के हर आचरण के लिए बिना शर्त उन्मुक्ति नहीं देती। अतः केवल दो युग्म सही हैं।

  8. प्र.8 लेख के अनुसार, कौन-सा कथन सामग्री हटाने, रिपोर्टिंग और अभियोजन के बीच सही भेद बताता है?

    1. A. सामग्री हटा देना अपने आप आपराधिक जिम्मेदारी स्थापित करता है।
    2. B. सामग्री की रिपोर्टिंग स्वतः अपराध सिद्ध करती है।
    3. C. हैश मिलान से न्यायसंगत विधिक प्रक्रिया की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
    4. D. सामग्री हटाना प्रसार घटाता है, रिपोर्टिंग अधिकारियों को सूचित करती है और अभियोजन विधिक प्रक्रिया से आपराधिक जिम्मेदारी तय करता है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) सामग्री हटाना प्रसार घटाता है, रिपोर्टिंग अधिकारियों को सूचित करती है और अभियोजन विधिक प्रक्रिया से आपराधिक जिम्मेदारी तय करता है।

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। लेख तीन कार्य अलग करता है: प्रसार सीमित करना, सक्षम अधिकारियों को सूचित करना और विधिक प्रक्रिया से आपराधिक जिम्मेदारी तय करना। सामग्री हटाने या रिपोर्ट करने से अपने आप आपराधिक दायित्व सिद्ध नहीं होता। हैश मिलान पहचान में सहायक है, न्यायसंगत प्रक्रिया का विकल्प नहीं। अन्य विकल्प पहचान या प्रशासनिक कार्रवाई को दोष-निर्धारण मान लेते हैं।

  9. प्र.9 लेख के आधार पर निम्नलिखित अभिकथन और कारण पर विचार कीजिए: अभिकथन: साझा पहचान डेटाबेस में गलत प्रविष्टियाँ सुधारने की व्यवस्था आवश्यक है। कारण: गलत मिलान वैध सामग्री को प्रतिबंधित कर सकते हैं और व्यक्तिगत अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं। सही उत्तर चुनिए।

    1. A. दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
    2. B. दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
    3. C. अभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
    4. D. अभिकथन गलत है, पर कारण सही है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। लेख के अनुसार दोनों कथन सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है। गलत मिलान वैध सामग्री पर अनुचित रोक लगा सकते हैं, इसलिए अधिकारों की रक्षा के लिए शीघ्र सुधार आवश्यक है। स्वतंत्र परीक्षण और जाँच योग्य अभिलेख इस सुरक्षा को मजबूत करते हैं। अन्य विकल्प इस कारण-संबंध को नकारते हैं या किसी सही कथन को गलत बताते हैं।

  10. प्र.10 लेख मध्यस्थों द्वारा बार-बार नियामक चूक पर संभावित अनुपातिक परिणामों की चर्चा करता है। सुधार संबंधी चर्चा और विद्यमान कानून के बीच उसके भेद से कौन-सा निष्कर्ष निकलता है?

    1. A. न्यायालय में चर्चित प्रत्येक दंड तुरंत लागू करने योग्य हो जाता है।
    2. B. सुरक्षित आश्रय खोने से अनुपालन की प्रत्येक नियमित कमी अनिवार्य रूप से सुधर जाती है।
    3. C. अंतिम विधिसम्मत ढाँचे के बिना चर्चित दंड को पहले से लागू नहीं बताना चाहिए।
    4. D. बार-बार अवहेलना होने पर न्यायसंगत प्रक्रिया अनावश्यक हो जाती है।
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) अंतिम विधिसम्मत ढाँचे के बिना चर्चित दंड को पहले से लागू नहीं बताना चाहिए।

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। लेख संभावित दंड पर चर्चा को पहले से लागू दंड व्यवस्था बताने से सावधान करता है। वह यह भी समझाता है कि केवल सुरक्षित आश्रय खोने से बार-बार होने वाली व्यवस्थागत कमियाँ दूर नहीं हो सकतीं। विधिक आधार और न्यायसंगत प्रक्रिया आवश्यक रहते हैं। अन्य विकल्प स्वतः प्रवर्तनीयता, सुनिश्चित सुधार या निष्पक्ष प्रक्रिया से छूट मान लेते हैं।

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