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प्र.1 हड़प्पाई कालक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. परिपक्व हड़प्पाई चरण का व्यापक काल लगभग 2600–1900 ईसा पूर्व माना जाता है। 2. ये तिथियाँ अनिवार्य रूप से प्रत्येक हड़प्पाई स्थल की संपूर्ण बसावट का काल बताती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल 1
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। पहला कथन परिपक्व हड़प्पाई चरण की व्यापक काल-सीमा बताता है। दूसरा कथन उसी सीमा को प्रत्येक स्थल की संपूर्ण बसावट पर लागू करके गलत निष्कर्ष निकालता है। पूर्ववर्ती और परवर्ती परंपराएँ भी थीं तथा अलग स्थलों का बसावट-क्रम भिन्न हो सकता था। सांस्कृतिक चरण और किसी स्थल का पूरा जीवनकाल अलग बातें हैं।
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प्र.2 धोलावीरा के बारे में कौन-सा संयोजन सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) खदिर द्वीप; व्यापक पत्थर निर्माण; जलाशय
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। धोलावीरा गुजरात के खदिर द्वीप पर स्थित है और व्यापक पत्थर निर्माण तथा जलाशयों के लिए उल्लेखनीय है। अन्य विकल्प पत्थर के उपयोग को नगण्य बताते हैं, जलाशयों का निषेध करते हैं या केवल ईंटों का प्रतिरूप थोपते हैं। यह उदाहरण समझाता है कि एक नगर का विवरण सभी बस्तियों पर लागू नहीं करना चाहिए।
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प्र.3 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जलाशय — जल भंडारण 2. नाली — जल निकासी 3. मानकीकृत बाट — मापन उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) तीनों
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। तीनों युग्म साक्ष्य को उसके संबंधित कार्य या अध्ययन क्षेत्र से जोड़ते हैं। जलाशय भंडारण, नाली निकासी और बाट मापन से संबंधित हैं। इन संबंधों से प्राचीन संचालन का प्रत्येक विवरण सिद्ध नहीं होता। विशेष रूप से जलाशय और नाली को एक-दूसरे के स्थान पर प्रयुक्त होने वाली समान संरचनाएँ नहीं मानना चाहिए।
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प्र.4 किसी स्थान पर शिल्प उत्पादन के अनुमान को कौन-सा प्राप्त वस्तुओं का समूह सबसे प्रत्यक्ष समर्थन देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) औजार, अधूरी वस्तुएँ और निर्माण अपशिष्ट
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। औजार, अधूरी वस्तुएँ और निर्माण अपशिष्ट साथ मिलकर अकेली तैयार वस्तुओं की अपेक्षा उत्पादन का अधिक मजबूत संदर्भ देते हैं। तैयार आभूषण कहीं और से प्राप्त हो सकते हैं; केवल बाट या मुहर कार्यशाला सिद्ध नहीं करते। यह अनुमान उत्पादन गतिविधि से संबंधित है, मालिकों की पहचान या प्रत्येक उत्पाद के गंतव्य से नहीं।
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प्र.5 बाटों के साझा मानकों से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक समर्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मापन और विनिमय में साझा परिपाटियाँ थीं
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। साझा मानक मापन की परिपाटियों और विनिमय के बारे में तर्क का समर्थन करते हैं। वे स्वतंत्र रूप से संविधान, पूरी कर प्रशासन व्यवस्था या कार्यशालाओं का साझा स्वामित्व नहीं बताते। ऐसे दावों के लिए अतिरिक्त साक्ष्य चाहिए। मानकीकरण एक आर्थिक विशेषता है; उसे अपने-आप राजनीतिक केंद्रीकरण के बराबर नहीं माना जा सकता।
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प्र.6 हड़प्पाई चिह्नयुक्त वस्तुओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लिपि का सर्वमान्य और सुनिश्चित पाठ उपलब्ध है। 2. लिपि पढ़े बिना भी उनके निर्माण, वितरण और पुरातात्त्विक संदर्भ का अध्ययन संभव है। कौन-सा कथन सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 2
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। हड़प्पाई लिपि का सर्वमान्य और सुनिश्चित पाठ उपलब्ध नहीं है, इसलिए पहला कथन गलत है। दूसरा कथन सही है, क्योंकि वस्तुओं के निर्माण, प्राप्ति-स्थान और वितरण का अध्ययन किया जा सकता है। अपठित पाठ उसके निश्चित अर्थ के दावों को सीमित करता है; वह सभी प्रकार की पुरातात्त्विक जाँच को असंभव नहीं बनाता।
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प्र.7 अभिकथन: एक हड़प्पाई बस्ती को प्रत्येक हड़प्पाई नगर का प्रतिनिधि नहीं मानना चाहिए। कारण: बस्तियों में साझा परिपाटियों के साथ स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान हो सकते थे। सही आकलन चुनिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। दोनों कथन सही हैं और स्थानीय अनुकूलन अभिकथन में व्यक्त सावधानी को समझाता है। साझा सांस्कृतिक परिपाटियों का अर्थ हर स्थान पर समान सामग्री, जल व्यवस्था या विन्यास नहीं था। धोलावीरा का पत्थर निर्माण और जल संरचनाएँ इसका उदाहरण हैं। अन्य विकल्प सही कथन को नकारते हैं या कारण और अभिकथन का संबंध गलत बताते हैं।
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प्र.8 केवल नियोजित सड़कों से कौन-सा दावा स्थापित नहीं किया जा सकता?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) बस्ती का निश्चित राजनीतिक संविधान ज्ञात है
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। नियोजित सड़कें स्थानिक संगठन का प्रमाण देती हैं और निर्माण, आवागमन तथा रखरखाव के प्रश्न उठाने में सहायक हैं। वे अकेले निश्चित संविधान नहीं बतातीं। पहले तीन विकल्प उचित अवलोकन या जाँच हैं। चौथा विकल्प आवश्यक अतिरिक्त साक्ष्य के बिना भौतिक नियोजन से एक विशिष्ट संस्थागत निष्कर्ष निकाल देता है।
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प्र.9 शिल्प विशेषज्ञता और कार्यशाला के स्वामित्व को अलग प्रश्न क्यों मानना चाहिए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कुशल उत्पादन का साक्ष्य अकेले उसके नियंत्रक की पहचान नहीं बताता
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। साक्ष्य कुशल उत्पादन दिखा सकता है, लेकिन उसका स्वामित्व या नियंत्रण आवश्यक रूप से नहीं बताता। अलग शिल्पों की संगठन व्यवस्था भिन्न हो सकती थी। तैयार वस्तुएँ अकेले मालिक नहीं बतातीं और उत्पादन, परिवहन तथा उपभोग अलग चरण हैं। इसलिए पहला विकल्प प्रमाण की सीमा मानता है; अन्य विकल्प अप्रमाणित एकरूपता या निश्चितता थोपते हैं।
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प्र.10 किसी प्रमुख नगरीय चरण के अंत की व्याख्या में कौन-सा कथन सबसे उचित सावधानी दर्शाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) इसे अपने-आप सभी समुदायों के समाप्त होने के बराबर नहीं मानना चाहिए
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। प्रमुख नगरीय चरण का अंत पुरातात्त्विक स्थिति में बदलाव बताता है, सभी समुदायों के एक साथ लुप्त होने का स्वतः प्रमाण नहीं। इससे प्रत्येक स्थल की तिथियाँ समान नहीं हो जातीं और पूर्ववर्ती साक्ष्य का महत्व भी समाप्त नहीं होता। उचित दृष्टिकोण नगरीय प्रतिरूप के बदलाव और पूरी जनसंख्या के लोप के अप्रमाणित दावों को अलग रखता है।
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