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पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह: खाद्य शृंखलाएँ और पारिस्थितिक पिरामिड — उत्तर सहित MCQ

पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह: खाद्य शृंखलाएँ और पारिस्थितिक पिरामिड पर अपनी समझ को UPSC प्रीलिम्स-शैली के 10 प्रश्नों से परखें। पहले स्वयं हल करें, फिर सही विकल्प और व्याख्या के लिए “उत्तर देखें” दबाएँ।

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  • 10 अभ्यास प्रश्न
  • ≈ 10 मिनट
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  1. प्र.1 प्रचलित खाद्य शृंखला आरेख में टिड्डे से मेंढक की ओर बना तीर क्या दर्शाता है?

    1. A. मेंढक द्वारा टिड्डा खाने पर ऊर्जा का स्थानांतरण
    2. B. केवल मेंढक से घास की ओर खनिज पोषक तत्त्वों की गति
    3. C. टिड्डे के लिए मेंढक द्वारा भोजन का उत्पादन
    4. D. टिड्डे के भोजन खोजने की दिशा
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) मेंढक द्वारा टिड्डा खाने पर ऊर्जा का स्थानांतरण

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। तीर भोजन बनने वाले जीव से उपभोक्ता की ओर ऊर्जा स्थानांतरण दिखाता है। यहाँ टिड्डा मेंढक का भोजन है। यह भोजन खोजने की दिशा अथवा मेंढक द्वारा भोजन उत्पादन नहीं दर्शाता। इसका अर्थ केवल मेंढक से पौधे की ओर खनिजों का जाना भी नहीं है।

  2. प्र.2 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर्वाहारी जीव एक से अधिक पोषण स्थितियों में हो सकता है। 2. आहार कुछ भी हो, प्रत्येक प्रजाति की एक ही स्थायी पोषण स्थिति होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

    1. A. केवल 2
    2. B. केवल 1
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) केवल 1

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। कथन 1 सही है, क्योंकि पौधों और शाकाहारियों को खाने वाला जीव अलग पोषण मार्गों में होता है। कथन 2 गलत है; पोषण स्थिति भोजन संबंध बताती है, प्रजाति का अपरिवर्तनीय नाम नहीं है। खाद्य जाल इन अनेक संबंधों को एक अकेली शृंखला से बेहतर दिखा सकता है।

  3. प्र.3 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. केंचुआ — अपरद को निगलना और खंडित करना 2. अपघटक कवक — एंजाइमों द्वारा कार्बनिक यौगिकों का विघटन 3. चारण खाद्य शृंखला — मृत कार्बनिक पदार्थ से शुरुआत उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

    1. A. केवल एक
    2. B. तीनों
    3. C. केवल दो
    4. D. एक भी नहीं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) केवल दो

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। युग्म 1 और 2 अपरदाहारियों तथा सूक्ष्मजीवी अपघटन की गतिविधियों को सही बताते हैं। युग्म 3 गलत है, क्योंकि चारण शृंखला जीवित उत्पादकों के खाए जाने से शुरू होती है। मृत कार्बनिक पदार्थ अपरद शृंखला का आरंभ है। पारितंत्र में दोनों मार्ग एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।

  4. प्र.4 सकल प्राथमिक उत्पादकता में से कौन-सी मात्रा घटाने पर शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता मिलती है?

    1. A. केवल शाकाहारियों का उपभोग
    2. B. उत्पादकों का पूरा उपलब्ध जैवभार
    3. C. केवल सभी उपभोक्ताओं का श्वसन
    4. D. उत्पादकों का श्वसन व्यय
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) उत्पादकों का श्वसन व्यय

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। समान क्षेत्र और अवधि के लिए उत्पादकों का अपना श्वसन व्यय घटाने पर GPP से NPP मिलती है। शाकाहारियों का उपभोग अलग प्रवाह है, जबकि उपलब्ध जैवभार एक समय की मात्रा है। इस संबंध में शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता निर्धारित करने के लिए उपभोक्ताओं का श्वसन नहीं घटाया जाता।

  5. प्र.5 कथन-I: ऊर्जा स्थानांतरण की सीमाओं का उल्लंघन किए बिना जलीय जैवभार पिरामिड उल्टा हो सकता है। कथन-II: तेजी से पुनर्निर्मित पादपप्लवक कम उपलब्ध जैवभार के साथ अधिक उपभोक्ता जैवभार को सहारा दे सकते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

    1. A. दोनों कथन सही हैं और II, I की व्याख्या करता है
    2. B. दोनों कथन सही हैं, लेकिन II, I की व्याख्या नहीं करता
    3. C. I सही है, लेकिन II गलत है
    4. D. I गलत है, लेकिन II सही है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) दोनों कथन सही हैं और II, I की व्याख्या करता है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। दोनों कथन सही हैं। उपलब्ध जैवभार एक समय का माप है, जबकि उत्पादन समय के साथ चलता रहता है। तीव्र वृद्धि और उपभोग से पादपप्लवक कम मात्रा में रहते हुए भोजन की पूर्ति कर सकते हैं। यही उल्टे जैवभार पिरामिड की व्याख्या है; इससे क्रमिक स्तरों पर ऊर्जा बढ़ना सिद्ध नहीं होता।

  6. प्र.6 दस प्रतिशत नियम के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह क्रमिक पोषण स्तरों के बीच स्थानांतरण का सरलीकृत अनुमान है। 2. इसका अर्थ है कि सभी उत्पादक आने वाले सूर्यप्रकाश का ठीक दस प्रतिशत ग्रहण करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

    1. A. 1 और 2 दोनों
    2. B. केवल 1
    3. C. केवल 2
    4. D. न तो 1, न ही 2
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    सही उत्तर: (B) केवल 1

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। कथन 1 सही है; यह नियम पोषण स्तरों के बीच स्थानांतरण को सरल रूप में समझाता है। कथन 2 गलत तरीके से इसे सूर्यप्रकाश ग्रहण करने पर लागू करता है। वास्तविक दक्षता समान नहीं होती। भोजन की गुणवत्ता, जीवों की विशेषताओं और पर्यावरणीय परिस्थितियों से ऊर्जा स्थानांतरण प्रभावित होता है।

  7. प्र.7 पोषण स्तरों से गुजरने वाले ऊर्जा प्रवाह की तुलना के लिए कौन-सी इकाई सबसे उपयुक्त है?

    1. A. प्रति वर्ग मीटर शुष्क द्रव्यमान के ग्राम
    2. B. प्रति हेक्टेयर जीवों की संख्या
    3. C. प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष किलोजूल
    4. D. प्रति जीव शुष्क द्रव्यमान के ग्राम
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष किलोजूल

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। ऊर्जा प्रवाह के लिए ऊर्जा की इकाई के साथ क्षेत्र और समय का समान आधार आवश्यक है। प्रति वर्ग मीटर प्रति वर्ष किलोजूल यह आवश्यकता पूरी करता है। शुष्क द्रव्यमान जैवभार बताता है, जीवों की संख्या प्रचुरता बताती है और प्रति जीव द्रव्यमान औसत आकार बताता है, ऊर्जा प्रवाह नहीं।

  8. प्र.8 तालाब के अध्ययन में केवल पानी के भीतर उगने वाले पौधों का कार्बनिक उत्पादन मापा गया। कौन-सा अतिरिक्त निवेश उसके अपरद खाद्य जाल को सहारा देते हुए मापन से छूट सकता है?

    1. A. पौधों के भोजन में पुनर्चक्रित उपापचयी ऊष्मा
    2. B. भोजन आपूर्ति के बिना गिनी गई मछलियों की संख्या
    3. C. पहले से बने कार्बनिक भोजन माने गए खनिज पोषक तत्त्व
    4. D. आसपास के वृक्षों से आने वाली गिरी पत्तियाँ
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) आसपास के वृक्षों से आने वाली गिरी पत्तियाँ

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। बाहर से आई पत्तियाँ अपरद मार्ग को कार्बनिक पदार्थ और रासायनिक ऊर्जा देती हैं। केवल पानी के भीतर हुए उत्पादन का मापन इस निवेश को छोड़ सकता है। मछलियों की गिनती ऊर्जा आपूर्ति नहीं है, खनिज कार्बनिक भोजन के समान नहीं हैं और उपापचयी ऊष्मा इस तरह पुनर्चक्रित नहीं होती।

  9. प्र.9 पोषक तत्त्वों की अधिकता से शैवाल की वृद्धि बढ़ी और बाद में ऑक्सीजन की कमी हुई। कौन-सी प्रक्रिया इस क्रम की सबसे अच्छी व्याख्या करती है?

    1. A. अपघटन के दौरान सूक्ष्मजीवी श्वसन घुली ऑक्सीजन का उपयोग करता है
    2. B. अधिक शैवाल जैवभार सदैव बेहतर जल स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है
    3. C. कार्बनिक पदार्थ बढ़ने पर अपघटक ऊर्जा उपयोग बंद कर देते हैं
    4. D. पोषक तत्त्व सीधे ऑक्सीजन-रहित ऊष्मा में बदल जाते हैं
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) अपघटन के दौरान सूक्ष्मजीवी श्वसन घुली ऑक्सीजन का उपयोग करता है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। कार्बनिक पदार्थ के अपघटन से सूक्ष्मजीवों की ऑक्सीजन माँग बढ़ सकती है और घुली ऑक्सीजन घट सकती है। इसलिए अधिक शैवाल अपने आप बेहतर स्वास्थ्य नहीं बताता। अपघटक उपापचय में ऊर्जा उपयोग करते रहते हैं। पोषक तत्त्वों का सीधे ऊष्मा में बदलना इस प्रक्रिया का कारण नहीं है।

  10. प्र.10 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रत्येक उत्पादक समुदाय का तात्कालिक ऊर्जा स्रोत सूर्यप्रकाश है। 2. रसायन संश्लेषी सूक्ष्मजीव रासायनिक अभिक्रियाओं से कार्बनिक पदार्थ बना सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

    1. A. केवल 1
    2. B. केवल 2
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) केवल 2

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। कथन 1 अत्यधिक व्यापक है; गहरे समुद्र के कुछ जलतापीय छिद्रों के उत्पादक तात्कालिक स्रोत के रूप में रासायनिक ऊर्जा लेते हैं। कथन 2 रसायन संश्लेषण को सही बताता है। ऊर्जा स्रोत अलग होने पर भी उत्पादक कार्बनिक पदार्थ बनाकर खाद्य जाल को आपूर्ति करने की भूमिका निभाते हैं।

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