-
प्र.1 एक महाद्वीप का सीधा पश्चिमी तट 30° उत्तर पर है और उसके पश्चिम में समुद्र है। स्थिर पवन दक्षिण की ओर बहती है। आदर्श एकमैन परिस्थितियों में तट के पास कौन-सा संयोजन अपेक्षित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) पश्चिम की ओर परिवहन और उत्प्रवाह
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। उत्तरी गोलार्ध में शुद्ध एकमैन परिवहन पवन के दाईं ओर होता है। दक्षिण की ओर बहती पवन का दायाँ पश्चिम है, जो इस स्थिति में तट से दूर है। हटते सतही जल की जगह नीचे का जल आता है। पूर्व की दिशा गलत है; अधःप्रवाह के लिए तट पर जल का संचय चाहिए।
-
प्र.2 उपोष्णकटिबंधीय गायर के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पश्चिमी सीमा धारा किसी महाद्वीप के पूर्वी तट के साथ बह सकती है। 2. पश्चिमी सीमा धाराएँ सामान्यतः पूर्वी सीमा धाराओं से अधिक चौड़ी और धीमी होती हैं। 3. ठंडी क्षैतिज धारा से स्थानीय तटीय उत्प्रवाह का होना सिद्ध हो जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल 1
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। सीमा का नाम महासागरीय बेसिन के सापेक्ष है, इसलिए पहला कथन सही है। पश्चिमी सीमा धाराएँ सामान्यतः अधिक संकीर्ण और तेज होती हैं; दूसरा कथन इसे उलटता है। ठंडा जल दूसरे क्षेत्र से क्षैतिज रूप में आ सकता है, इसलिए तीसरे कथन में उत्प्रवाह के लिए आवश्यक ऊर्ध्वाधर प्रतिस्थापन सिद्ध नहीं होता।
-
प्र.3 सतह के समुद्री जल के दो नमूने समान दाब पर हैं। नमूना P, नमूने Q से ठंडा है लेकिन उसकी लवणता कम है। तापमान या लवणता के संख्यात्मक मान नहीं दिए गए हैं। उनके घनत्व के बारे में कौन-सा निष्कर्ष उचित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) घनत्व का क्रम जानने के लिए दोनों अंतरों का परिमाण चाहिए
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। ठंडा होने से समुद्री जल का घनत्व सामान्यतः बढ़ता है, जबकि लवणता घटने से कम होता है। नमूने P में ये प्रभाव प्रतिस्पर्धी हैं। विपरीत दिशा का अर्थ समान परिमाण नहीं है। मानों के बिना किसी एक प्रभाव को प्रधान नहीं मान सकते, इसलिए दी गई गुणात्मक जानकारी से घनत्व का क्रम तय नहीं होता।
-
प्र.4 निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. गल्फ स्ट्रीम — उत्तर अटलांटिक उपोष्णकटिबंधीय गायर की पश्चिमी सीमा 2. कुरोशियो — उत्तर प्रशांत उपोष्णकटिबंधीय गायर की पूर्वी सीमा 3. कैनरी धारा — उत्तर अटलांटिक उपोष्णकटिबंधीय गायर की पूर्वी सीमा 4. कैलिफोर्निया धारा — उत्तर प्रशांत उपोष्णकटिबंधीय गायर की पश्चिमी सीमा उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल दो
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। पहला और तीसरा युग्म सही हैं। गल्फ स्ट्रीम और कैनरी धारा उत्तर अटलांटिक उपोष्णकटिबंधीय गायर की विपरीत सीमाओं पर हैं। कुरोशियो पश्चिमी सीमा धारा है, पूर्वी नहीं। कैलिफोर्निया पूर्वी सीमा धारा है, पश्चिमी नहीं। महासागरीय बेसिन पहचानने से उसकी सीमाओं और महाद्वीपीय तटों का भ्रम दूर होता है।
-
प्र.5 निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: कथन-I: पश्चिम की ओर बहती व्यापारिक पवनों में भूमध्यरेखीय सतही अपसरण उत्प्रवाह को अनुकूल बना सकता है। कथन-II: कोरिऑलिस प्राचल भूमध्य रेखा के दोनों ओर चिह्न बदलता है, जिससे उसके उत्तरी और दक्षिणी पक्षों पर विपरीत ध्रुवाभिमुख एकमैन परिवहन संभव होता है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दोनों सही हैं और II, I की व्याख्या करता है
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। पश्चिम की ओर पवन होने पर उत्तरी ओर परिवहन उत्तर तथा दक्षिणी ओर दक्षिण की तरफ होता है। इस अलगाव से भूमध्यरेखीय क्षेत्र का सतही जल हटता है और नीचे से जल आ सकता है। इसलिए कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है। ठीक भूमध्य रेखा पर अशून्य या अधिकतम कोरिऑलिस प्राचल आवश्यक नहीं है।
-
प्र.6 महासागरीय घनत्व के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. समुद्री बर्फ बनने पर लवण निष्कासन से आसपास के समुद्री जल की लवणता बढ़ने की प्रवृत्ति होती है। 2. मीठा जल मिलना सतही शीतलन से बढ़ते घनत्व को और बढ़ाने की प्रवृत्ति रखता है। 3. अलग गहराइयों के जल का घनत्व तुलना करते समय दाब पर ध्यान देना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) केवल 1 और 3
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। समुद्री बर्फ बनने पर बाहर रहने वाला लवण आसपास की लवणता बढ़ाता है। अलग गहराइयों की तुलना में दाब भी देखना चाहिए। इसलिए पहला और तीसरा कथन सही हैं। अन्य दशाएँ समान रहने पर मीठा जल लवणता और घनत्व घटाता है; वह शीतलन के घनत्व बढ़ाने वाले प्रभाव का विरोध कर सकता है।
-
प्र.7 AMOC और गल्फ स्ट्रीम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. AMOC में ऊपरी जल का उत्तर की ओर और ठंडे गहरे जल का दक्षिण की ओर लौटता प्रवाह शामिल है। 2. गल्फ स्ट्रीम पवनचालित उपोष्णकटिबंधीय परिसंचरण में भी भाग लेती है। 3. AMOC का कमजोर होना पूरे उत्तर अटलांटिक सतही परिसंचरण के समाप्त होने को दर्शाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। AMOC में अलग गहराइयों पर बहने वाले प्रवाहों का उलट परिसंचरण है, जबकि गल्फ स्ट्रीम पवनचालित गायर का हिस्सा भी है। पहले दो कथन सही हैं। दोनों तंत्र संबंधित हैं, एक जैसे नहीं। इसलिए उलट परिसंचरण का बदलाव तीसरे कथन में बताए गए पूरे पवनचालित सतही परिसंचरण के समाप्त होने को सिद्ध नहीं करता।
-
प्र.8 एक काल्पनिक उष्णकटिबंधीय महासागरीय क्षेत्र में प्रकाश पर्याप्त रहता है, तापप्रवण स्तर गहरा होता है और ऊपर आने वाली पोषक आपूर्ति घटती है। कौन-सा परिणाम और उसकी व्याख्या इन दशाओं से सर्वाधिक संगत हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) पादपप्लवक उत्पादन घट सकता है क्योंकि पोषक तत्त्व सीमित हो सकते हैं
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। पादपप्लवक की वृद्धि को प्रकाश और पोषक तत्त्व दोनों सहारा देते हैं। पर्याप्त धूप प्रकाशयुक्त स्तर में घटती पोषक आपूर्ति की भरपाई नहीं करती। तापप्रवण स्तर गहरा होने से नीचे मौजूद पोषक तत्त्व अपने आप अधिक सुलभ नहीं होते। इसलिए इस स्थिति में उत्पादन घट सकता है; बढ़ने या अपरिवर्तित रहने की गारंटी नहीं है।
-
प्र.9 परिसंचरण के नियमों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तरी गोलार्ध के उपोष्णकटिबंधीय गायर सामान्यतः दक्षिणावर्त घूमते हैं, लेकिन उसके उपध्रुवीय गायर वामावर्त घूम सकते हैं। 2. शुद्ध एकमैन परिवहन 90 अंश होने का अर्थ है कि प्रभावित परत का प्रत्येक जलकण पवन से 90 अंश पर चलता है। 3. कोरिऑलिस विक्षेपण गति की दिशा के सापेक्ष है, किसी निश्चित दिशा के सापेक्ष नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 1 और 3
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। गायर के नियम में उपोष्णकटिबंधीय विशेषण आवश्यक है और दायाँ या बायाँ गति के सापेक्ष है। पहला और तीसरा कथन सही हैं। एकमैन परिवहन अलग दिशाओं और गतियों वाले परतीय प्रवाहों का समेकन है। दूसरे कथन की तरह शुद्ध कोण को प्रत्येक जलकण की दिशा नहीं माना जा सकता।
-
प्र.10 एक तटीय सर्वेक्षण में पोषक-समृद्ध उत्प्रवाह के बाद सतही क्लोरोफिल अधिक मिलता है। मत्स्य भंडार या मछली पकड़ने के दबाव की अतिरिक्त जानकारी के बिना कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक समर्थित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) दशाएँ पादपप्लवक की प्रचुरता को सहारा देती हैं, पर टिकाऊ मत्स्य पकड़ अनिर्धारित है
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। क्लोरोफिल पादपप्लवक की प्रचुरता का संकेत है और पोषक आपूर्ति को खाद्य जाल के आधार से जोड़ता है। यह मछलियों की सीधी गिनती या टिकाऊ दोहन का माप नहीं है। खाद्य जाल, आवास और मत्स्य दबाव महत्त्वपूर्ण रहते हैं; इसलिए अनुपातिक पकड़ वृद्धि या सुरक्षित प्रयास विस्तार का निष्कर्ष नहीं निकलता।
और MCQ अभ्यास सेट
सभी MCQ सेट- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति औपनिवेशिक भू-राजस्व: स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी
- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति संवैधानिक रिट: अनुच्छेद 32 और 226 की समझ
- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति राजकोषीय, राजस्व और प्राथमिक घाटा: बजट को समझें
- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति पारितंत्र में ऊर्जा प्रवाह: खाद्य शृंखलाएँ और पारिस्थितिक पिरामिड
- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति हड़प्पाई नगर: नियोजन, जल और पुरातात्त्विक साक्ष्य
- वैकल्पिक विषय एवं विषयवार रणनीति प्लेट विवर्तनिकी: सीमाएँ, भूकंप और पर्वत निर्माण