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मौर्य प्रशासन: संरचना, स्रोत और सीमाएँ — उत्तर सहित MCQ

मौर्य प्रशासन: संरचना, स्रोत और सीमाएँ पर अपनी समझ को UPSC प्रीलिम्स-शैली के 10 प्रश्नों से परखें। पहले स्वयं हल करें, फिर सही विकल्प और व्याख्या के लिए “उत्तर देखें” दबाएँ।

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  • 10 अभ्यास प्रश्न
  • ≈ 10 मिनट
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  1. प्र.1 लेख में पुनरावृत्ति के लिए मौर्य शासकों का कौन-सा क्रम दिया गया है?

    1. A. अशोक, चंद्रगुप्त, बिंदुसार
    2. B. बिंदुसार, अशोक, चंद्रगुप्त
    3. C. चंद्रगुप्त, बिंदुसार, अशोक
    4. D. चंद्रगुप्त, अशोक, बिंदुसार
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    सही उत्तर: (C) चंद्रगुप्त, बिंदुसार, अशोक

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। लेख चंद्रगुप्त, बिंदुसार और अशोक का क्रम देता है। चंद्रगुप्त ने साम्राज्य स्थापित किया और बाद के शासक इस क्रम में उनके बाद आते हैं। अन्य विकल्प उन्हीं नामों को बदलकर अशोक को पहले के शासक से पहले रखते या चंद्रगुप्त का स्थान बदलते हैं। केवल नाम पहचानना पर्याप्त नहीं; क्रम भी आवश्यक है।

  2. प्र.2 कौन-सा नगर मौर्यों का प्रमुख राजनीतिक केंद्र था?

    1. A. पाटलिपुत्र
    2. B. तक्षशिला
    3. C. उज्जयिनी
    4. D. सुवर्णगिरि
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    सही उत्तर: (A) पाटलिपुत्र

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। पाटलिपुत्र प्रमुख राजनीतिक केंद्र था, जहाँ साम्राज्य के निर्णयों का सर्वोच्च स्तर स्थित था। तक्षशिला, उज्जयिनी और सुवर्णगिरि महत्त्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्र थे, जो दरबार को विस्तृत प्रदेशों से जोड़ते थे। इसलिए वे मौर्यकालीन स्थानों के उचित नाम हैं, लेकिन प्रश्न में पूछी गई विशिष्ट केंद्रीय भूमिका उनके लिए नहीं बताई गई है।

  3. प्र.3 अशोक के अभिलेखों के बारे में विचार कीजिए: 1. वे समकालीन राजकीय घोषणाएँ हैं। 2. वे हर राजाज्ञा का समान क्रियान्वयन सिद्ध करते हैं। कौन-सा सही है?

    1. A. केवल 2
    2. B. 1 और 2 दोनों
    3. C. न तो 1, न ही 2
    4. D. केवल 1
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    सही उत्तर: (D) केवल 1

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। कथन 1 सही है: अभिलेख अधिकारियों और धम्म सहित समकालीन राजकीय संदेश देते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि घोषणाएँ उद्देश्य बताती हैं, समान क्रियान्वयन सिद्ध नहीं करतीं। दोनों स्वीकार करना मंशा को परिणाम मानना है। दोनों नकारना पूर्ण प्रवर्तन पर उचित संदेह के साथ समकालीन साक्ष्य का वास्तविक महत्त्व भी छोड़ देना होगा।

  4. प्र.4 मौर्य प्रशासन के पुनर्निर्माण में अर्थशास्त्र का उपयोग कैसे करना चाहिए?

    1. A. हर मौर्य प्रथा के शब्दशः अभिलेख के रूप में
    2. B. अन्य साक्ष्यों से तुलना योग्य, अनेक स्तरों में रचित निर्देशात्मक ग्रंथ के रूप में
    3. C. हर प्रांत में जारी अशोक के अभिलेख के रूप में
    4. D. स्थानीय विविधता कभी न होने के प्रमाण के रूप में
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    सही उत्तर: (B) अन्य साक्ष्यों से तुलना योग्य, अनेक स्तरों में रचित निर्देशात्मक ग्रंथ के रूप में

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। अर्थशास्त्र कौटिल्य से संबद्ध निर्देशात्मक ग्रंथ है, जिसका रचना-इतिहास अनेक स्तरों वाला है। उसकी तुलना अभिलेखों और पुरातत्त्व से करनी चाहिए। वह स्वयं अशोक का अभिलेख, पूरे साम्राज्य का शब्दशः विवरण या समान क्षेत्रीय प्रथाओं का प्रमाण नहीं है। अन्य विकल्प मानक सलाह को प्रत्यक्ष क्रियान्वयन से भ्रमित करते हैं।

  5. प्र.5 मेगस्थनीज के विवरण को स्रोत के रूप में सावधानी से क्यों पढ़ा जाता है?

    1. A. वे बाहरी पर्यवेक्षक थे और उनका विवरण अप्रत्यक्ष रूप से खंडों में बचा है
    2. B. यह सभी मौर्य प्रांतों का पूर्ण मूल अभिलेखागार है
    3. C. यह स्वयं अशोक द्वारा लिखा अभिलेख था
    4. D. यह प्रत्येक गाँव की समान निगरानी का विवरण देता है
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    सही उत्तर: (A) वे बाहरी पर्यवेक्षक थे और उनका विवरण अप्रत्यक्ष रूप से खंडों में बचा है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त के दरबार को बाहरी दृष्टि से देखा और उनका विवरण अप्रत्यक्ष रूप से बचे खंडों में मिलता है। इससे पूर्णता सीमित होती और तुलना आवश्यक बनती है। अन्य विकल्प पूर्ण प्रांतीय अभिलेखागार गढ़ते हैं, लेखन अशोक को देते हैं या हर गाँव की निगरानी का दावा करते हैं। ये वर्णित स्रोत-स्वरूप से मेल नहीं खाते।

  6. प्र.6 अभिकथन: सशक्त मौर्य केंद्र का अर्थ हर क्षेत्र पर समान नियंत्रण नहीं था। कारण: दूरी, भूभाग और स्थानीय राजनीतिक संबंध निगरानी को प्रभावित करते थे। सही संबंध चुनिए।

    1. A. दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
    2. B. अभिकथन सही है, पर कारण गलत है
    3. C. दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
    4. D. अभिकथन गलत है, पर कारण सही है
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    सही उत्तर: (C) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। दोनों कथन सही हैं और कारण क्षेत्रीय विविधता की व्याख्या करता है। संचार धीमा था और निगरानी भूगोल, रणनीतिक महत्त्व तथा स्थानीय संबंधों पर निर्भर थी। सशक्त केंद्र हर गाँव का समान प्रशासन किए बिना संसाधन जुटा सकता था। अन्य विकल्प विविधता, उसके व्यावहारिक कारणों या दोनों के संबंध को गलत रूप से नकारते हैं।

  7. प्र.7 लेख में धम्म-महामात्रों से कौन-सा कार्य जोड़ा गया है?

    1. A. अर्थशास्त्र का एकमात्र लेखन
    2. B. धम्म का प्रचार और विभिन्न सामाजिक समूहों पर ध्यान
    3. C. सभी स्थानीय संस्थाओं को एक आधुनिक नौकरशाही से बदलना
    4. D. समस्त राज्य राजस्व का एकमात्र स्रोत होना
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    सही उत्तर: (B) धम्म का प्रचार और विभिन्न सामाजिक समूहों पर ध्यान

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। धम्म-महामात्र धम्म प्रचार और विभिन्न सामाजिक समूहों पर ध्यान देने वाले अधिकारी थे। लेख उनकी नियुक्ति को कलिंग युद्ध के बाद अशोक के विवरण से जोड़ता है। उन्हें अर्थशास्त्र का लेखन, स्थानीय संस्थाओं का उन्मूलन या समस्त राजस्व उत्पन्न करना नहीं सौंपता। अन्य विकल्प अधिकारियों, ग्रंथों और आर्थिक संसाधनों को भ्रमित करते हैं।

  8. प्र.8 मौर्य राजस्व के बारे में कौन-सा कथन लेख से समर्थित है?

    1. A. हर जगह एक निश्चित कृषि हिस्सा समान रूप से वसूला जाता था
    2. B. व्यापार और शिल्प का राज्य संसाधनों से कोई संबंध नहीं था
    3. C. राजस्व वसूली उत्पादन और परिवहन से स्वतंत्र थी
    4. D. कृषि महत्त्वपूर्ण थी, पर स्थान और परिस्थितियों से वसूली का भार बदल सकता था
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    सही उत्तर: (D) कृषि महत्त्वपूर्ण थी, पर स्थान और परिस्थितियों से वसूली का भार बदल सकता था

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। कृषि और भू-राजस्व महत्त्वपूर्ण भौतिक आधार थे, लेकिन भार और वसूली पद्धति बदल सकती थी। व्यापार, शिल्प, वन, खदानें और चुंगी भी संसाधन देते थे। सार्वभौमिक निश्चित हिस्सा बताना साक्ष्य का अतिसरलीकरण है। वाणिज्यिक स्रोत नकारना या राजस्व को उत्पादन और मार्गों से अलग करना लेख के आर्थिक संबंधों की उपेक्षा है।

  9. प्र.9 इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. अशोक का धम्म — व्यापक नैतिक और सामाजिक कार्यक्रम 2. कल्याण संदेश — चिकित्सा, कुएँ, वृक्ष और यात्रियों की सुविधाएँ कौन-से सही सुमेलित हैं?

    1. A. 1 और 2 दोनों
    2. B. केवल 1
    3. C. केवल 2
    4. D. न तो 1, न ही 2
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    सही उत्तर: (A) 1 और 2 दोनों

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। दोनों युग्म सही हैं। धम्म विविध जनसमुदाय में नैतिक आचरण का संदेश देता था और कल्याण संदेश चिकित्सा, वृक्षों, कुओं तथा यात्रियों का उल्लेख करते थे। किसी युग्म को नकारना राजकीय संचार के स्पष्ट पक्ष को छोड़ना है। ये संदेश नीतिगत आदर्श बताते हैं, हर समुदाय तक समान सुविधा पहुँचने का प्रमाण नहीं देते।

  10. प्र.10 अशोक के धम्म की कौन-सी व्याख्या सबसे उपयुक्त है?

    1. A. सर्वत्र समान रूप से लागू पूर्ण बौद्ध सिद्धांत-संहिता मात्र
    2. B. समान प्रवर्तन सिद्ध करने वाली विस्तृत दीवानी और दंड संहिता
    3. C. उनकी व्यक्तिगत बौद्ध आस्था से संबंधित, पर उससे अभिन्न नहीं, सार्वजनिक नैतिक नीति
    4. D. केवल सैन्य राजस्व वसूली तक सीमित नीति
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    सही उत्तर: (C) उनकी व्यक्तिगत बौद्ध आस्था से संबंधित, पर उससे अभिन्न नहीं, सार्वजनिक नैतिक नीति

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। लेख अशोक के व्यक्तिगत बौद्ध संबंध को व्यापक सार्वजनिक नैतिक कार्यक्रम धम्म से अलग करता है। इसमें संयम, उदारता और समुदायों के बीच सम्मान जैसे आचरण थे। अन्य विकल्प इसे केवल सिद्धांत बनाते हैं, समान प्रवर्तन वाली विधि-संहिता गढ़ते हैं या सैन्य कर तक सीमित करते हैं। इनमें वर्णित नैतिक और सामाजिक विस्तार सुरक्षित नहीं रहता।

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