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प्र.1 परिसंचरण प्रणाली के रूप में मानसून की पहचान किस विशेषता से होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) पवनों का मौसमी उत्क्रमण
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। मानसून की पहचान पवनों के मौसमी उत्क्रमण से होती है और वर्षा उसका प्रमुख प्रभाव है। अकेली बौछार परिसंचरण स्थापित नहीं करती। सक्रिय और विराम अवस्थाओं के कारण लगातार वर्षा आवश्यक नहीं है। स्थलाकृति और गतिशील मौसमी तंत्र नमी का पुनर्वितरण करते हैं, इसलिए प्रत्येक जिले में समान वर्षा भी आवश्यक नहीं है।
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प्र.2 ग्रीष्म ऋतु के आरम्भ में कौन-सा परिवर्तन दक्षिण-पश्चिम मानसून स्थापित करने में सहायक होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उत्तर-पश्चिमी भारत में निम्न दाब के साथ अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र का उत्तर की ओर खिसकना
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। ग्रीष्मकालीन ताप से उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भागों में निम्न दाब बनता है और अभिसरण क्षेत्र उत्तर की ओर खिसकता है। दक्षिणी हिंद महासागर पर अपेक्षाकृत अधिक दाब रहता है। अन्य विकल्प वर्णित दाब-प्रतिरूप उलटते हैं, प्रेरक दाब-अंतर मिटाते हैं या इस परिसंचरण के आवश्यक विषुवतरेखापार प्रवाह को समाप्त मानते हैं।
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प्र.3 दक्षिण-पश्चिम मानसून को पोषित करने वाले विषुवतरेखापार प्रवाह का सही क्रम कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें विषुवतरेखा पार करके विक्षेपित होती हैं और दक्षिण-पश्चिमी प्रवाह बनाती हैं
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। दक्षिणी गोलार्ध की दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें विषुवतरेखा पार करती हैं और पृथ्वी के घूर्णन से विक्षेपित होकर भारत की ओर दक्षिण-पश्चिमी प्रवाह बनाती हैं। अन्य विकल्प क्रम उलटते हैं, घूर्णन का प्रभाव नकारते हैं या व्यापक मौसमी परिसंचरण को स्थानीय समीर तक सीमित करते हैं। ये लेख में वर्णित प्रक्रिया से मेल नहीं खाते।
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प्र.4 केरल में मानसून आगमन के बारे में विचार कीजिए: 1. भारत मौसम विज्ञान विभाग वर्षा, पवन-क्षेत्र और उपग्रह-आधारित मेघ संबंधी मानदंड साथ देखता है। 2. कोई अकेला मानसूनपूर्व तूफान आगमन घोषित करने के लिए पर्याप्त है। कौन-सा कथन सही है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) केवल 1
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। कथन 1 सही है क्योंकि आगमन के लिए वर्षा, परिसंचरण और उपग्रह-आधारित मेघ संबंधी मानदंडों का साथ पूरा होना आवश्यक है। कथन 2 गलत है: अकेला तूफान व्यापक परिसंचरण का आगमन स्थापित नहीं करता। दोनों स्वीकार करना स्थानीय बौछार को पर्याप्त मानना और दोनों नकारना विभाग के अनेक मानदंडों की उपेक्षा करना होगा।
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प्र.5 पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढालों पर भारी वर्षा का कारण कौन-सी प्रक्रिया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अरब सागर की नम पवनों का पर्वतीय उत्थान
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। अरब सागर की नम पवनें पश्चिमी घाट पर ऊपर उठती हैं और पवनाभिमुख वर्षा करती हैं। पर्वत विद्यमान नमी वाली वायु को उठाते हैं, नमी बनाते नहीं। पवनविमुख भाग में उतरती वायु अपेक्षाकृत शुष्क होकर वृष्टिछाया बनाती है। इसलिए अवरोहण, स्वतंत्र जलवाष्प उत्पादन और दोनों ढालों पर समान वर्षा वाले विकल्प गलत हैं।
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प्र.6 मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा से कौन-सा मार्ग संबंधित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) पूर्वोत्तर भारत की ओर और फिर गंगा के मैदानों में पश्चिम की ओर
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत की ओर बढ़ती है, जहाँ मेघालय सहित पहाड़ियाँ नम वायु को ऊपर उठाती हैं, और फिर मैदानों में पश्चिम की ओर मुड़ती है। पश्चिमी तट वाला मार्ग अरब सागर शाखा का है। भारत से दूर जाना या पूर्वोत्तर को बाहर रखना लेख में वर्णित मार्ग के विपरीत है।
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प्र.7 अभिकथन: मानसून विराम में मध्य भारत में कम वर्षा हो सकती है। कारण: मानसून द्रोणी उत्तर की ओर हिमालय की तलहटी तक खिसक सकती है। सही संबंध चुनिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
व्याख्या
सही उत्तर: (B)। दोनों कथन सही हैं और उनमें कारण-संबंध है। द्रोणी के उत्तर की ओर खिसकने से मध्य भारत में वर्षा घट सकती है, जबकि तलहटी और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बढ़ सकती है। किसी कथन को नकारना या संबंध अस्वीकार करना इस पुनर्वितरण की उपेक्षा है। विराम में पूरे देश का एक साथ शुष्क होना आवश्यक नहीं।
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प्र.8 मानसून की उत्तरी सीमा क्या दर्शाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) किसी दिन मानसून के आगे बढ़ने की अधिकतम सीमा
व्याख्या
सही उत्तर: (D)। उत्तरी सीमा किसी विशेष दिन तक मानसून के आगे बढ़ने की अधिकतम स्थिति दर्शाती है। मौसमी परिसंचरण के फैलने पर यह बदलती है। यह न वर्षा की स्थायी सीमा है, न पूरे देश से वापसी पूरी होने का संकेत। यह सर्वाधिक वर्षा का स्थान भी नहीं बताती, जो स्थलाकृति और मौसमी तंत्रों पर निर्भर है।
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प्र.9 इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल की खाड़ी के निम्न दाब तंत्र — मार्ग के साथ भीतरी भागों में वर्षा 2. मानसून द्रोणी — ग्रीष्मकालीन लंबा निम्न दाब क्षेत्र कौन-से सही सुमेलित हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 1 और 2 दोनों
व्याख्या
सही उत्तर: (A)। दोनों युग्म सही हैं। खाड़ी में बने निम्न दाब और अवदाब भीतर बढ़कर अपने मार्गों में वर्षा बाँट सकते हैं। मानसून द्रोणी ग्रीष्मकालीन परिसंचरण का लंबा निम्न दाब क्षेत्र है। केवल एक युग्म स्वीकार करना वर्षा का दूसरा सही नियंत्रक छोड़ना होगा; दोनों नकारना मौसमी तंत्र के दो जुड़े अंगों की उपेक्षा है।
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प्र.10 अखिल भारतीय मौसमी वर्षा का कुल सामान्य बताया गया है। कौन-सा निष्कर्ष उचित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) क्षेत्रीय कमी और अनुचित समय पर वर्षा फिर भी हो सकती है
व्याख्या
सही उत्तर: (C)। राष्ट्रीय कुल वर्षा का समेकित आँकड़ा है, जो क्षेत्रीय कमी, अधिकता या समय-संबंधी समस्या छिपा सकता है। इससे हर जिले में सामान्य स्थिति या ऋतु भर समान वितरण सिद्ध नहीं होता। छोटा शुष्क अंतराल भी आवश्यक रूप से सूखा नहीं है; सूखा अधिक दीर्घ स्थिति है जिसका आकलन वर्षा और संबंधित प्रभावों से होता है।
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