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पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत में शीतकालीन वर्षा क्यों होती है — उत्तर सहित MCQ

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तर भारत में शीतकालीन वर्षा क्यों होती है पर अपनी समझ को UPSC प्रीलिम्स-शैली के 10 प्रश्नों से परखें। पहले स्वयं हल करें, फिर सही विकल्प और व्याख्या के लिए “उत्तर देखें” दबाएँ।

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  • 10 अभ्यास प्रश्न
  • ≈ 10 मिनट
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  1. प्र.1 कौन-सा वर्णन पश्चिमी विक्षोभ की पहचान करता है?

    1. A. दक्षिण-पश्चिम मानसूनी पवनों का वार्षिक उत्क्रमण ही
    2. B. उष्ण उष्णकटिबंधीय महासागर पर बनने वाला हर चक्रवात
    3. C. मध्य अक्षांशीय पछुआ पवनों में स्थित उष्णकटिबंधेतर मौसमी तंत्र
    4. D. बदलते परिसंचरण के बिना स्थिर स्थानीय समीर
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    सही उत्तर: (C) मध्य अक्षांशीय पछुआ पवनों में स्थित उष्णकटिबंधेतर मौसमी तंत्र

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। पश्चिमी विक्षोभ पछुआ पवनों के भीतर चलने वाला उष्णकटिबंधेतर तंत्र है। मानसून मौसमी परिसंचरण है, जबकि उष्णकटिबंधीय चक्रवात अलग परिवेश और संरचना में बनते हैं। स्थिर स्थानीय समीर भी वर्णित गतिशील विक्षोभ नहीं है। परिसंचरण और क्षेत्रीय संदर्भ के बिना केवल वर्षा से तंत्र की पहचान नहीं की जा सकती है।

  2. प्र.2 पश्चिमी विक्षोभ में पश्चिमी शब्द मुख्यतः क्या बताता है?

    1. A. पश्चिम से उसका आगमन और सामान्य पूर्वाभिमुख गति
    2. B. वर्षा का केवल पश्चिमी भारत तक सीमित होना
    3. C. हमेशा पूर्व से पश्चिम की ओर चलना
    4. D. हर बार अरब सागर में उत्पन्न होना
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    सही उत्तर: (A) पश्चिम से उसका आगमन और सामान्य पूर्वाभिमुख गति

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। पश्चिमी शब्द पश्चिम से आगमन और पश्चिम तथा दक्षिण एशिया में सामान्य पश्चिम-से-पूर्व गति बताता है। यह प्रभाव पश्चिमी भारत तक सीमित नहीं करता और न दिशा उलटता है। इससे अरब सागर का एक सार्वभौमिक उद्गम भी स्थापित नहीं होता। तंत्रों का विकास, मार्ग और वर्षा प्राप्त करने वाले क्षेत्र अलग हो सकते हैं।

  3. प्र.3 शीतकाल में अनेक पश्चिमी विक्षोभों को भारत की ओर ले जाने में कौन-सी धारा सहायक है?

    1. A. स्थायी विषुवतीय सतही शांत वायु
    2. B. केवल स्थानीय दिनकालीन समुद्री समीर
    3. C. दक्कन की मौसमी वृष्टिछाया
    4. D. उपोष्ण पछुआ जेट धारा
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    सही उत्तर: (D) उपोष्ण पछुआ जेट धारा

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। उपोष्ण पछुआ जेट अनेक विक्षोभों के लिए महत्त्वपूर्ण शीतकालीन संचालक धारा है। सतही शांत वायु ऐसा परिवहन नहीं देती। स्थानीय समुद्री समीर व्यापक ऊपरी वायु धारा नहीं और वृष्टिछाया वर्षा-प्रतिरूप है, संचालक प्रवाह नहीं। जेट गति में सहायता करती है, लेकिन स्वयं विक्षोभ नहीं है; दोनों की भूमिका अलग है।

  4. प्र.4 उद्गम क्षेत्र के बारे में विचार कीजिए: 1. हर पश्चिमी विक्षोभ का एक समुद्र में बिल्कुल समान निश्चित उद्गम होता है। 2. विवरणों में भूमध्यसागर, कैस्पियन क्षेत्र और व्यापक पश्चिम एशियाई मार्ग आते हैं। कौन-सा सही है?

    1. A. केवल 1
    2. B. केवल 2
    3. C. 1 और 2 दोनों
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) केवल 2

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। कथन 2 लेख के व्यापक भौगोलिक वर्णन के अनुरूप है। कथन 1 हर घटना का एक निश्चित उद्गम मानकर पाठ्यपुस्तकीय संक्षेप को अतिरंजित करता है। दोनों स्वीकार करना गलत सार्वभौमिक दावा रखना और दोनों नकारना उचित क्षेत्रीय वर्णन छोड़ना है। अलग विक्षोभों का विकास और मार्ग बदलता है, इसलिए निश्चित जन्मस्थान से व्यापक मार्ग अधिक उपयोगी है।

  5. प्र.5 अभिकथन: एक विक्षोभ मैदानों में वर्षा और ऊँचाई पर हिमपात ला सकता है। कारण: तापमान, नमी और भूभाग वर्षण का रूप प्रभावित करते हैं। सही संबंध चुनिए।

    1. A. दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है
    2. B. दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता
    3. C. अभिकथन सही है, पर कारण गलत है
    4. D. अभिकथन गलत है, पर कारण सही है
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    सही उत्तर: (A) दोनों सही हैं और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। दोनों कथन सही हैं और कारण भिन्नता समझाता है। ऊपर उठती नम वायु ठंडी होकर संघनित होती है, लेकिन तापमान और भूभाग वर्षा या हिमपात तय करने में सहायक हैं। अन्य विकल्प वर्णित परिणाम या उसके भौतिक नियंत्रक नकारते हैं। इसलिए विक्षोभ से प्रत्येक ऊँचाई पर एक जैसा वर्षण होना आवश्यक नहीं है।

  6. प्र.6 पश्चिमी विक्षोभों और रबी फसलों के बारे में कौन-सा निष्कर्ष उचित है?

    1. A. हर विक्षोभ हर फसल की उपज अनिवार्यतः बढ़ाता है
    2. B. शीतकालीन वर्षण हमेशा गेहूँ को नुकसान देता है
    3. C. उचित शीतकालीन वर्षा गेहूँ और सरसों को लाभ दे सकती है, पर ओले या बेमौसम वर्षा नुकसान कर सकते हैं
    4. D. प्रभाव तय करने में फसल-अवस्था की कोई भूमिका नहीं
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    सही उत्तर: (C) उचित शीतकालीन वर्षा गेहूँ और सरसों को लाभ दे सकती है, पर ओले या बेमौसम वर्षा नुकसान कर सकते हैं

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। उचित अवस्था में मध्यम वर्षा गेहूँ और सरसों को नमी देकर सिंचाई की जरूरत घटा सकती है। ओले, जलभराव या बेमौसम वर्षा खड़ी फसल को हानि पहुँचा सकते हैं। अन्य विकल्प निश्चित लाभ, सार्वभौमिक नुकसान या वृद्धि-अवस्था की अप्रासंगिकता मानते हैं। कृषि परिणाम वर्षण की मात्रा, समय, स्थान और फसल की दशा पर निर्भर हैं।

  7. प्र.7 इन युग्मों पर विचार कीजिए: 1. पश्चिमी हिमालय — मौसमी हिम में योगदान 2. उत्तर-पश्चिमी मैदान — रबी की नमी प्रभावित करने वाली शीतकालीन वर्षा कौन-से सही सुमेलित हैं?

    1. A. केवल 1
    2. B. 1 और 2 दोनों
    3. C. केवल 2
    4. D. न तो 1, न ही 2
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (B) 1 और 2 दोनों

    व्याख्या

    सही उत्तर: (B)। दोनों युग्म महत्त्वपूर्ण क्षेत्रीय संबंध बताते हैं। हिमपात पर्वतीय मौसमी हिमावरण में योगदान करता है और शीतकालीन वर्षा मैदानों में रबी की नमी प्रभावित कर सकती है। किसी युग्म को नकारना वर्णित प्रभाव छोड़ना है। कोई संबंध जल-सुरक्षा या फसल-लाभ सुनिश्चित नहीं करता क्योंकि बाद का पिघलना, संग्रह, समय और तीव्रता भी परिणाम तय करते हैं।

  8. प्र.8 पूर्वी द्रोणी से संपर्क करने वाला पश्चिमी विक्षोभ व्यापक भारी वर्षण क्यों ला सकता है?

    1. A. दोनों तंत्र अनिवार्यतः सारा उत्थान समाप्त करते हैं
    2. B. परस्पर क्रिया हर घटना को दक्षिण-पश्चिम मानसून बना देती है
    3. C. दो तंत्र मिलने पर नमी की उपलब्धता अप्रासंगिक हो जाती है
    4. D. परस्पर क्रिया उत्थान बढ़ाकर अतिरिक्त नमी का उपयोग कर सकती है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (D) परस्पर क्रिया उत्थान बढ़ाकर अतिरिक्त नमी का उपयोग कर सकती है

    व्याख्या

    सही उत्तर: (D)। लेख बताता है कि परस्पर जुड़े परिसंचरण उत्थान और संयुक्त नमी बढ़ाकर अधिक तीव्र या व्यापक वर्षण दे सकते हैं। अन्य विकल्प उत्थान समाप्त मानते हैं, घटना को स्वतः मानसून कहते हैं या प्रक्रिया से नमी हटाते हैं। परस्पर क्रिया घटना बढ़ा सकती है, लेकिन हर विक्षोभ को चरम मौसमी घटना नहीं बनाती।

  9. प्र.9 केवल पश्चिमी विक्षोभ नाम से प्रभाव का अनुमान लगाने की सीमा कौन-सा कथन सही बताता है?

    1. A. मार्ग, नमी, तीव्रता और उच्चावच स्थानीय वर्षण तथा जोखिम तय करते हैं
    2. B. विक्षोभ होने पर हर जिले में वर्षा अनिवार्य है
    3. C. हर विक्षोभ अनिवार्यतः शीतलहर लाता है
    4. D. एक हिमपात सीधे दीर्घकालीन जल-सुरक्षा स्थापित करता है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (A) मार्ग, नमी, तीव्रता और उच्चावच स्थानीय वर्षण तथा जोखिम तय करते हैं

    व्याख्या

    सही उत्तर: (A)। प्रभाव केवल नाम के बजाय मार्ग, उपलब्ध नमी, शक्ति और भूभाग पर निर्भर हैं। कुछ स्थानों पर बहुत कम वर्षण हो सकता है और तापमान की प्रतिक्रिया बदलती है। एक हिमपात स्थायी जल-सुरक्षा स्थापित नहीं करता। गलत विकल्प बदलते स्थानीय परिणामों को ऐसे सार्वभौमिक आश्वासन बनाते हैं जिनसे लेख स्पष्ट रूप से सावधान करता है।

  10. प्र.10 खड़ी पर्वतीय ढाल पर समान वर्षा-योग के प्रभाव अलग स्थानों में भिन्न क्यों हो सकते हैं?

    1. A. केवल वर्षा-योग हर जगह समान परिणाम तय करता है
    2. B. स्थानीय जलनिकास बहाव या बाढ़ प्रभावित नहीं कर सकता
    3. C. ढाल, मृदा-नमी, हिम, जलनिकास और बस्ती की स्थिति जोखिम बदलते हैं
    4. D. बस्ती की स्थिति का जोखिम-संपर्क से संबंध नहीं है
    उत्तर देखें

    सही उत्तर: (C) ढाल, मृदा-नमी, हिम, जलनिकास और बस्ती की स्थिति जोखिम बदलते हैं

    व्याख्या

    सही उत्तर: (C)। लेख पर्वतीय प्रभाव को ढाल, मृदा-नमी, हिम-दशा, जलनिकास और बस्ती की स्थिति से जोड़ता है। इसलिए समान योग से अलग बहाव और जोखिम-संपर्क हो सकते हैं। अन्य विकल्प स्थानीय नियंत्रक नकारते हैं या केवल योग से परिणाम मानते हैं। स्थान की दशाएँ बताती हैं कि वर्षा-माप के साथ जिला चेतावनी और व्यावहारिक योजना क्यों आवश्यक हैं।

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